तिहाड़ जेल में स्वामी करपात्री महाराज पर हमला, एकादशी निष्ठा का अद्भुत उदाहरण।
By Shubh Bhaskar ·
11 Mar 2026 ·
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तिहाड़ जेल में स्वामी करपात्री महाराज पर हमला, एकादशी निष्ठा का अद्भुत उदाहरण।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(आगरा):-आगरा- ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने पुज्यनीय गौ माता के रक्षक स्वामी करपात्री महाराज के जीवन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रसंग साझा करते हुए बताया कि उनका जीवन धर्म, तप और अटूट संकल्प का अद्वितीय उदाहरण रहा है।
उन्होंने बताया कि सन् 1960 के दशक में चले गोरक्षा आंदोलन के दौरान स्वामी करपात्री महाराज को दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद कर दिया गया था। जेल में रहने के बावजूद वहां नियमित रूप से सत्संग और कथा का कार्यक्रम चलता रहता था। एक दिन जब सत्संग के दौरान महाराज श्री कथा सुना रहे थे, तभी अचानक जेल के कुछ खूँखार कैदियों ने लोहे की छड़ों से उन पर हमला कर दिया।
यह हमला इतना गंभीर था कि उस समय स्वामी जी मृतप्राय प्रतीत होने लगे। हालांकि परमपिता परमेश्वर की कृपा से उनके प्राणों की रक्षा हो गई, लेकिन इस हमले में उनकी आँखों पर गहरी चोट आई। चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि उनकी एक आँख की ज्योति जा चुकी है और दूसरी आँख की रोशनी जाने की भी आशंका है।
यह सुनकर स्वामी करपात्री महाराज ने विशेष रूप से सूर्योपासना आरम्भ कर दी। वे प्रतिदिन द्वादश सूर्य नमस्कार करते और चक्षुपनिषद के मंत्रों का पाठ करते थे। उनकी इस कठोर साधना और ईश्वर भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान आदिनारायण की कृपा से उनकी दोनों आँखों की ज्योति सुरक्षित रही और जीवन के अंतिम समय तक उनकी दृष्टि बनी रही।
इस प्रसंग में उनकी एकादशी निष्ठा का अद्भुत उदाहरण भी देखने को मिलता है। चिकित्सकों ने उपचार के लिए आँखों में दवा डालने की सलाह दी थी, लेकिन स्वामी जी ने अपने सेवकों को स्पष्ट निर्देश दे रखे थे कि एकादशी के दिन आँखों या मुख में कोई भी दवा या वस्तु नहीं डाली जाए, चाहे इसके लिए कितनी भी पीड़ा सहनी पड़े। उन्होंने कहा था कि यदि प्राण भी चले जाएं तो चले जाएं, पर एकादशी की निष्ठा में कोई त्रुटि नहीं होनी चाहिए।
गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने कहा कि स्वामी करपात्री महाराज का पूरा जीवन धर्म, त्याग और आस्था की प्रेरणा देता है और आज भी समाज को सनातन मूल्यों के पालन का संदेश देता है।
पुस्तक: पुज्य करपात्री स्वामी – एक जीवन दर्शन
लेखक: गौ पुत्र धर्म दास महाराज
संगठन: ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत
हेल्पलाइन नंबर: 9568576382