कृषि पर्यवेक्षक ने धामेंडा धाम में पौधों का किया निरीक्षण ‘ऑक्सीजन बैक टू एनवायरनमेंट’ का सपना हो रहा साकार।
By Shubh Bhaskar ·
10 Mar 2026 ·
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कृषि पर्यवेक्षक ने धामेंडा धाम में पौधों का किया निरीक्षण
‘ऑक्सीजन बैक टू एनवायरनमेंट’ का सपना हो रहा साकार।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- नारायणपुर- नारायणपुर उपखंड क्षेत्र की प्राचीन अरावली पर्वतमाला की तलहटी में स्थित खेड़ापति बाबा पीर संज्यानाथजी महाराज की तपोस्थली धामेंडा धाम में चल रहे पर्यावरण संरक्षण अभियान के तहत लगाए गए हजारों फलदार और छायादार पौधों का मंगलवार को कृषि पर्यवेक्षक मुंशीराम सैनी ने निरीक्षण किया।
महंत पीर विवेकनाथ महाराज के सानिध्य में श्री कृष्णा शिक्षा एवं ग्रामीण विकास समिति के सचिव सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में “पर्यावरण बचाओ–पेड़ पौधे लगाओ” महा अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत लगाए गए पौधों की स्थिति और देखभाल की व्यवस्था का कृषि पर्यवेक्षक ने जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान गौशाला कोषाध्यक्ष महेश कुमार सैनी, धामेंडा धाम मेला कमेटी के अध्यक्ष कैलाश चंद यादव, मदनलाल कोली, पूरणसिंह लौधी, सुल्तान सिंह लौधी और महेश चंद सैनी भी मौजूद रहे।
कृषि पर्यवेक्षक मुंशीराम सैनी ने बताया कि पौधों की नियमित देखभाल, समय-समय पर पानी की व्यवस्था और छंटाई बेहद जरूरी है। छंटाई से मृत या रोगग्रस्त शाखाओं के साथ अनावश्यक दिशा में बढ़ रही शाखाओं को हटाया जा सकता है, जिससे पेड़ स्वस्थ रहते हैं। उन्होंने बताया कि छंटाई का सबसे उपयुक्त समय सर्दियों के अंत या वसंत ऋतु की शुरुआत में होता है, जब नई वृद्धि शुरू होने से पहले पौधों को व्यवस्थित किया जाता है।
उन्होंने मल्चिंग के महत्व पर भी प्रकाश डालते हुए बताया कि मल्चिंग से पेड़ों को खरपतवार, कीट और खराब मौसम से सुरक्षा मिलती है तथा जड़ों को आवश्यक पोषक तत्व भी प्राप्त होते हैं। प्रत्येक वर्ष पेड़ों के आसपास ०2 से ०4 इंच मोटी मल्च की परत बिछाने की सलाह दी गई।
समिति के सचिव सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ तथा विभिन्न धार्मिक व सामाजिक अवसरों पर पौधारोपण की प्रेरणा दी जा रही है। इस अभियान का परिणाम है कि आज धामेंडा धाम हरा-भरा और पर्यावरण के अनुकूल दिखाई देने लगा है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल में सहयोग करने की अपील की।