ShubhBhaskar
SHUBHBHASKAR
E Paper

जिले के विभिन्न प्रखंडों में आंगनबाड़ी केन्द्रों का औचक निरीक्षण। आंगनबाड़ी केन्द्रों के औचक निरीक्षण में अनियमितताएँ उजागर, जांच एवं कार्रवाई के निर्देश।

By Shubh Bhaskar · 08 Mar 2026 · 25 views
जिले के विभिन्न प्रखंडों में आंगनबाड़ी केन्द्रों का औचक निरीक्षण।

आंगनबाड़ी केन्द्रों के औचक निरीक्षण में अनियमितताएँ उजागर, जांच एवं कार्रवाई के निर्देश।

प्रमंडल ब्यूरो इमरान हाशमी

दैनिक शुभ भास्कर बिहार किशनगढ़ जिला पदाधिकारी विशाल राज के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों का जिला स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन, बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार व्यवस्था, अभिलेख संधारण एवं आधारभूत संरचना की स्थिति का आकलन करना था।औचक निरीक्षण के क्रम में मो० जफर आलम, जिला पंचायत राज पदाधिकारी द्वारा कोचाधामन प्रखंड अंतर्गत डेरामारी पंचायत, श्रीमती सुनीता कुमारी, वरीय उप समाहर्ता द्वारा ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत नगर क्षेत्र, श्रीमती अंकिता सिंह, अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी द्वारा पोठिया प्रखंड अंतर्गत छतरगाछ पंचायत,श्री कुंदन कुमार सिंह, जिला योजना पदाधिकारी द्वारा बहादुरगंज प्रखंड अंतर्गत डांगी पंचायत,श्री शशिम सौरभ मणि, निदेशक, डीआरडीए द्वारा टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत कालपी पंचायत, श्री मनोज कुमार, परियोजना पदाधिकारी-सह-निदेशक राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम द्वारा किशनगंज प्रखंड अंतर्गत हलामला,तथा श्री आलोक कुमार भारती, सहायक निदेशक, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग द्वारा दिघलबैंक प्रखंड अंतर्गत तुलसिया पंचायत के कुल 57 आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान कई केन्द्रों पर अनियमितताएँ परिलक्षित हुईं। कुछ केन्द्रों में पोषण आहार का भोजन तैयार नहीं पाया गया, जिसे गंभीर विषय मानते हुए इसकी जांच कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही कुछ केन्द्रों पर बच्चों की वास्तविक उपस्थिति कम पाई गई, जबकि उपस्थिति पंजी में सभी बच्चों की उपस्थिति अंकित की गई थी। इस संबंध में अभिलेखों एवं अन्य पंजियों की जांच की जाएगी।निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि कुल 4 आंगनवाड़ी केंद्र पूर्णतया बंद पाया गया । ऐसे केंद्रों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी ।
निरीक्षण के दौरान प्राप्त तथ्यों के आलोक में आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका के साथ-साथ संबंधित सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना पदाधिकारी) की भूमिका एवं संभावित संलिप्तता की भी जांच कराई जा सकती है। निरीक्षण में पाया गया कि पर्यवेक्षक एवं सी डी पी ओ द्वारा केंद्रों का नियमित रूप से पर्यवेक्षण नही किया जाता है जो केंद्रों की अनियमितता में इनकी संलिप्तता को स्पष्ट करता है । ऐसे कर्मी/ पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी ।जिला प्रशासन द्वारा प्राप्त प्रतिवेदनों के आधार पर संबंधित मामलों पर आवश्यकतानुसार अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ।

More News

Share News

WhatsApp

X

Facebook

Telegram

Instagram

YouTube