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केदारनाथ धाम बादल फटने की घटना उत्तराखंड राज्य में केंद्र में कांग्रेस सरकार

By Shubh Bhaskar · 08 Mar 2026 · 16 views
केदारनाथ धाम बादल फटने की घटना उत्तराखंड राज्य में केंद्र में कांग्रेस सरकार

सुनील कुमार मिश्रा बद्री दैनिक शुभ भास्कर
केदारनाथ धाम में 2013 में बादल फटने की घटना से हजारों हिन्दू तीर्थ यात्री मारे गए थे लेकिन कांग्रेस सरकार ने कोई आर्थिक सहायता नहीं थी और समय पर उनको कोई सहायता भी नहीं दी मनमोहन सिंह के साथ सोनिया गांधी ने हवाई सर्वेक्षण जरूर किया लाशों के व्यापारी...*
आज कल बहस चल रही है किस सरकार ने आपदा समय में क्या किया तो मुझे 2013 की बाबा केदारनाथ धाम मे भीषण बादल फटने की घटना याद आ गई :-
_आइये जानें इस आपदा में काँग्रेस ने कैसे की लोगों की मदद_
16 जून 2013 को
उत्तराखंड केदारनाथ में जलप्रलय शुरू हुआ जो भीषण तबाही मचा गया था।
केदारनाथ में लगभग पच्चीस हजार श्रद्धालु मर गये थे।_
तीन दिन चली इस भीषण तबाही में कांग्रेस की सरकार ने केदारनाथ में फंसे श्रद्धालु भक्तों की कोई मदद नही की।
चौथे दिन जब इस भयंकर तबाही की खबर अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियां बन गई,
तब निर्लज्जता से कांग्रेस ने सहायता भेजने का एलान किया ! ध्यान रहे सिर्फ एलान किया था।
18 जून को सोनियां गांधी अमेरिका अपना किसी गुप्त बिमारी का इलाज कराने गई हुई थी और राहुल गांधी बैंकॉक में थे। मनमोहन सिंह कोई निर्णय नही ले सकते थे सो,उन्हें सूचना भेजी गई तब दोनों मां बेटे_
_21 जून को भारत पहुंचे !_
कांग्रेस ने बहुत तामझाम करके आपदा में फंसे लोगों की सहायता के लिये बिस्किट के पैकेट और पानी की बोतलों के आठ ट्रक रवाना किये। जिन पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बड़े बड़े पोस्टर लगाकर मां बेटे ने_ उन्हें झंडी दिखाकर रवाना किया _फोटो भी खिंचवाए_* गये जो अखबारों की सुर्खियां बने थे।
उन ट्रकों को न किराया दिया गया न डीजल दिया गया था ।
आठ दिन भटककर उन ड्राइवरों ने वो बिस्किट बेचकर अपना किराया वसूल किया और निकल लिये ।
आज तक किसी को भी पता नही उस राहत सामग्री का क्या हुआ !
फिर जब वहां लाशें सड़ने लगी तो महामारी का खतरा बढ़ता देख आसपास के गांवों के लोगों ने आन्दोलन किया ।
वह भी पन्द्रह दिन बाद किया जब लाशों से बदबू आने लगी थी। कई ग्रामीणों ने सामूहिक दाहसंस्कार भी किये लेकिन शव ही शव फैले देखकर लोग डर गये थे।
_तब देश के जिन प्रदेशों मे भाजपा की सरकारें थी, उन सबने अपने राज्य के सरकारी हेलिकॉप्टर उत्तराखंड की काँग्रेस सरकार को बचाव कार्य हेतु ऑफर किए थे! तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 24 हेलिकॉप्टर देने की पेशकश की थी, मगर उत्तराखंड की काँग्रेस सरकार ने दी गई सभी ऑफर ठूकरा दिए थे !_
अब देखे हिन्दुओ की लाशों पर कैसे व्यापार हुआ ।_
तब कांग्रेस ने उन लाशों को निकालने के लिये एक विज्ञप्ति निकाली।
_ ब्लू ब्रीज ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड नामक एक एअरक्राफ्ट चारटरिंग कम्पनी आगे आई !_
_इस कंपनी का रजिस्ट्रेशन नंबर -U52100DL2007PTC170055 यह हैं! इस कंपनी के केवल दो डायरेक्टर हैं! राॅबर्ट वाड्रा और उनकी मां मौरीन वाड्रा! वर्ष 2008 तक प्रियंका वाड्रा भी इस कंपनी मे डायरेक्टर थी!_
_इस कंपनी ने एक लाश निकालने के 4,60,000 रुपये में टेंडर लिया था!_
_और लगभग 16, 000 लाशें तीन दिन में निकाली थी।_
सरकार ने उस कम्पनी को 'सात अरब छतीस करोड रूपयों का भुगतान तुरन्त कर दिया था
हालांकि लाशें मिलने का सिलसिला महीनों चलता रहा, फिर कई दिन कंकाल मिलते रहे
_हाँ लाशें निकालने वाली कम्पनी रॉबर्ट वाड्रा की थी,_
कांग्रेस की सरकारी सहायता के नाम पर किया नाटक भी याद रखियेगा ।
मां बेटे के भेजे बिस्किट आज भी नही पहुंचे हैं_
_विश्व के इतिहास में लाशों का इतना बड़ा व्यापार सुनने को मिले तो बताइएगा ।_
_और 7,36,00 ,00,000 सात अरब छत्तीस करोड़ का घोटाला तो शायद आप भूल जाएंगे।_
क्योंकि हम जनता भूलने में माहिर हैं...

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