इंदिरा गांधी की गलती का नुकसान हिंदुस्तान भुगत रहा पाकिस्तान के दो टुकड़े कर बांग्लादेश बनाया
By Shubh Bhaskar ·
24 Dec 2025 ·
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इंदिरा गांधी की गलती का नुकसान हिंदुस्तान भुगत रहा पाकिस्तान के दो टुकड़े कर बांग्लादेश बनाया
इससे भारत को क्या फायदा हुआ आज तक हम उसका भुगतान कर रहे
सुनील कुमार मिश्रा दैनिक शुभ भास्कर बांग्लादेश को हिंदुस्तान में मिलाया होता आज स्थिति और होती बनाने में हमारे सेना के 435 जवान और अधिकारी शहीद हुए
हमारे 36 से ज्यादा हंटर और जगुआर तथा मिग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए
और सबसे बड़ी दुर्घटना हुई थी दीव के समुद्र तट पर जब पाकिस्तान की नेवी ने तारपीडो द्वारा INS खुकरी पर भीषण हमला करके उसे नष्ट कर दिया जिसमें 136 नौ सैनिक मारे गए थे
और उसमें एडमिरल महेंद्र नाथ मुला भी वीरगति को प्राप्त हुए थे
विश्व इतिहास में नेवी की सबसे बड़ी अटैक थी जिसमें भारत ने अपना शानदार युद्धपोत अपने कमांडर और सभी स्टाफ सहित खो दिया था
इसके अलावा पाकिस्तान की जेल में हमारे 56 अधिकारी और सैनिक कैद रहे जिन्हें इंदिरा गांधी कभी वापस ही नहीं लाई
इसके अलावा पाकिस्तान ने गुजरात के कांग्रेसी मुख्यमंत्री बलवंत राय मेहता और उनकी पत्नी सहित 12 लोगों के विमान पर हमला करके मार डाला था
यानी हमने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री को भी उस युद्ध में खो दिया था
बांग्लादेश को बनाने के लिए हम भारतीयों ने बहुत बड़ी कुर्बानी दी है
सबसे बड़ी कुर्बानी यह है की इन बांग्लादेशी सपोलो को पालने के लिए हर भारतीय का घरेलू खर्च उस जमाने में 30% इंदिरा गांधी ने बढ़ा दिया था
सिनेमा हॉल के टिकट पर एक रुपए 20 पैसे अलग से लगा दिए गए थे ट्रेन के टिकट में 75 पैसे की वृद्धि की गई थी सभी राज्यों में बसों के टिकट को एक रुपए से ₹4 तक बढ़ा दिया गया था
यहां तक की पूरे भारत में जितनी भी अनाज मंडी थी उस अनाज मंडी पर ₹1.20 पैसे प्रति क्विंटल सरकार बांग्लादेशी सपोलों को पालने के लिए वसूलते थी
उसके अलावा 400 करोड़ के शरणार्थी बांग्लादेशी शरणार्थी डाक टिकट छापे गए
अगर आपको सैलरी लेनी है तो यह टिकट खरीद कर इस पर दस्तखत करने होते थे ₹100 से ज्यादा के लेनदेन पर यह टिकट चिपका कर उस पर सिग्नेचर करना जरूरी कर दिया गया था जैसे आज रेवेन्यू टिकट है उसी की तरह यह टिकट चलता था
जमीन की रजिस्ट्री हो या कोई भी कोर्ट का काम हो आपको कम से कम ₹5 का बांग्लादेशी शरणार्थी टिकट जरूर चिपकाना होता था
और कहीं भी लेनदेन में आपको इसको खरीदना पड़ता था और इससे जो कमाई होती थी वह बांग्लादेश को जाती थी
इसके अलावा ढाका के इस्कॉन मंदिर ने बीटल्स के जार्ज हैरिसन और रविशंकर जी के साथ मिलकर अमेरिका यूरोप में कई कंसर्ट आयोजित किया ताकि इन भूखे बांग्लादेशियों को खाना दिया जा सके और उस जमाने में इस्कॉन संस्था ने एक करोड़ 40 लाख डॉलर इकट्ठा करके बांग्लादेश को दिया था और लगभग 5 सालों तक बांग्लादेश के भूखे नंगे लोग इस्कॉन मंदिर में खाना खाते थे और अब क्या हुआ ?
बांग्लादेशियों ने कुछ साल पहले ढाका के इस इस्कॉन मंदिर को जलाकर नष्ट कर दिया जिस मंदिर ने उन्हें खाना खिलाकर पाला पोषा था अब वह सपोले भारत का एहसान भूल गए जिस भारत ने उन्हें पाकिस्तान के अत्याचार और दमन से मुक्ति दिलाई आप गूगल पर सर्च करेगा विश्व इतिहास का सबसे बड़ा सामूहिक बलात्कार पूर्वी पाकिस्तान में हुआ था जनरल टिक्का खान जिसे बांग्लादेश का कसाई यानी बुचर ऑफ बांग्लादेश कहा जाता है उसने मंच से ऐलान किया कि हम इन काले नाटे बंगालियों की नस्ल बदल देंगे और अपने सैनिकों से कहा जहां अभी बंगाली महिला मिले उसके पेट में अपना बच्चा डालो और 2 लाख बंगाली महिलाओं का बलात्कार हुआ था हालांकि बाद में जब पाकिस्तान ने इसकी जांच के लिए एक हमिदुर रहमान कमेटी बनाई तो उसे कमेटी ने कहा कि सिर्फ 45000 महिलाओं का ही बलात्कार हुआ है मतलब उनके लिए 45000 महिलाओं का बलात्कार एक सिर्फ वाली बात थी स्थिति इतनी भयानक थी कि भारत इटली अमेरिका कनाडा ब्रिटेन ने हजारों गाइनेकोलॉजिस्ट बांग्लादेश में भेजे थे पाकिस्तान बंगालियों पर इतना अत्याचार करता था कि पाकिस्तान की आर्मी में कई बंगाली सैन्य अधिकारियों को आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ा था लेकिन आज यह बांग्लादेशी कौम उसी पाकिस्तान की गोद में बैठकर उस भारत को गालियां दे रही है जिस भारत की वजह से यह जिंदा बचे और जिस का पूरा खर्चा हमने उठाया