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राजगढ़ में मामा व जयंती गुटखा के डीलरों पर कालाबाजारी के आरोप, कार्यवाही की मांग तेज।

By Shubh Bhaskar · 16 Feb 2026 · 29 views
राजगढ़ में मामा व जयंती गुटखा के डीलरों पर कालाबाजारी के आरोप, कार्यवाही की मांग तेज।

*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*

(माचाड़ीअलवर) राजगढ़- राजगढ़,माचाड़ी कस्बे में मामा एवं जयंती ब्रांड के गुटखा डीलरों पर सरेआम कालाबाजारी करने के आरोप सामने आए हैं। छोटे दुकानदारों ने आरोप लगाया है कि डीलर गुटखा महंगे दामों पर बेच रहे हैं, जिससे खुर्दरा व्यापारियों और उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दुकानदारों का कहना है कि डीलरों द्वारा तय दर से अधिक कीमत वसूली जा रही है, जिसके कारण वे मजबूरी में ऊंचे दाम पर माल लेने को विवश हैं। कई छोटे व्यापारी महंगा माल खरीदने में असमर्थ हैं, जिससे उनकी बिक्री प्रभावित हो रही है।
छोटे दुकानदारों ने बताया कि शाम और रात के समय कई लोग नशे की हालत में गुटखा लेने आते हैं। जब दुकानदार महंगे दाम पर गुटखा नहीं दे पाते या स्टॉक उपलब्ध नहीं होता, तो उन्हें गाली-गलौज और मारपीट की धमकियों का सामना करना पड़ता है। इससे गरीब व छोटे व्यापारियों में भय का माहौल बना हुआ है।
बताया गया है कि हाल ही में गांव-गांव घूमकर गुटखा बेचने वाले एक व्यक्ति ने मामा गुटखा के डीलर से माल मांगा, तो उसे अत्यधिक कीमत बताई गई। जब उसने महंगे दाम पर माल लेने से इनकार किया, तो कथित रूप से उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और विवाद की स्थिति बन गई, जिसे आसपास के लोगों ने शांत कराया।
इस मामले में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सचिव कामरेड मनोज कुमार बोहरा एडवोकेट ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीलर मनमानी कर रहे हैं और बड़े पैमाने पर गुटखा का स्टॉक गोदामों व अन्य स्थानों पर छिपाकर रखा जा रहा है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित प्रतिष्ठानों, गोदामों व संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी कर स्टॉक की जांच की जाए और यदि कालाबाजारी की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते कार्यवाही नहीं हुई तो छोटे दुकानदारों की आजीविका पर संकट गहराता जाएगा। अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्यवाही पर टिकी है। लोगों कहा है कि तुरंत कार्यवाही कर या तो गुटखा परमानेंट बंद किया जाए या फिर कालाबाजारी खत्म की जाए।

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