जलदाय विभाग का लोगों के साथ बेहूदा मजाक: बूंद-बूंद पानी को तरसे भरतपुर–डीग के हजारों परिवार, पूर्व मंत्री ने जताई नाराजगी।
By Shubh Bhaskar ·
14 Feb 2026 ·
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जलदाय विभाग का लोगों के साथ बेहूदा मजाक: बूंद-बूंद पानी को तरसे भरतपुर–डीग के हजारों परिवार, पूर्व मंत्री ने जताई नाराजगी।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- भरतपुर- राजस्थान में मुख्यमंत्री के होमटाउन भरतपुर शहर और गृहमंत्री के गृह जिले डीग में पिछले पाँच दिनों से हजारों परिवार बूंद-बूंद पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। ऐसे में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) भरतपुर द्वारा जारी सूचना ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। विभाग ने शनिवार को बताया कि धौलपुर–भरतपुर चंबल पेयजल परियोजना की पाइपलाइन में लीकेज हो जाने के कारण अगले एक-दो दिन तक भरतपुर शहर की पेयजल आपूर्ति प्रभावित रहने की संभावना है।
विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि पानी को व्यर्थ न बहाएं और आवश्यकता अनुसार स्टॉक करके रखें। साथ ही यह भी कहा गया है कि जलदाय विभाग की टीम पाइपलाइन को दुरुस्त करने में लगातार जुटी हुई है।
हालांकि, पिछले पाँच दिनों से पानी की एक-एक बूंद के लिए जूझ रहे भरतपुर और डीग के लोगों ने विभाग की इस सलाह को आमजन के साथ बेहूदा मजाक बताया है। लोगों का कहना है कि जब घरों में पानी की सप्लाई ही नहीं हो रही, तो “पानी को व्यर्थ न बहाने” और “स्टॉक करके रखने” की सलाह देना अधिकारियों की संवेदनहीनता दर्शाता है। कई नागरिकों ने इसे जिम्मेदार अधिकारियों के मानसिक दिवालियापन का उदाहरण बताते हुए आक्रोश व्यक्त किया है।
*पूर्व मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने जताई गहरी नाराजगी*
राजस्थान सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने भी इस गंभीर पेयजल संकट पर दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। शनिवार को बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के होमटाउन भरतपुर और गृहमंत्री के गृह जिले डीग में इस प्रकार की स्थिति बेहद चिंताजनक है।
सिंह ने कहा कि भाजपा शासन में पेयजल को लेकर ऐसे विषम हालात पहले कभी देखने को नहीं मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों को आमजन की पीड़ा का कोई अहसास नहीं है।
पूर्व मंत्री ने सरकार से मांग की है कि भरतपुर और डीग जिले में चंबल पेयजल आपूर्ति में आए व्यवधान को तत्काल दूर कर लोगों को शीघ्र राहत प्रदान की जाए, ताकि हजारों परिवारों को इस संकट से निजात मिल सके।