सवर्ण समाज ने उठाई विभिन्न मांगें, कहा— सामान्य वर्ग का विश्वास बनाए रखने के लिए जरूरी ठोस निर्णय।
By Shubh Bhaskar ·
09 Feb 2026 ·
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सवर्ण समाज ने उठाई विभिन्न मांगें, कहा— सामान्य वर्ग का विश्वास बनाए रखने के लिए जरूरी ठोस निर्णय।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):-जयपुर- सर्व समाज जागृति संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अखिल भारतीय संयुक्त ब्राह्मण समन्वय समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता तथा शिव शक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष व बृजवासी गौरक्षक सेना भारत संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ सुरेश चंद्र शर्मा ने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी नागपाल शर्मा माचाडी को बताया कि सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी मांगें रखते हुए कहा कि हिंदू धर्म से जुड़े लोगों और भारतीय जनता पार्टी के बीच दूरी बढ़ती दिखाई दे रही है। हिंदू धर्म से जुड़े समाज के लोगों का कहना है कि यदि बीजेपी सामान्य वर्ग व हिंदू धर्म से जुड़े लोगों का विश्वास पुनः प्राप्त करना चाहती है तो उसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने होंगे। हिंदू धर्म से जुड़े समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों में कहा कि रामचरितमानस और मनुस्मृति जैसे धार्मिक ग्रंथों को जलाना अपराध घोषित किया जाना चाहिए। साथ ही ब्राह्मण और सवर्ण समाज के लोगों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने वालों पर सख्त कानूनी कार्यवाही की मांग भी उठाई गई।
उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी शासित प्रदेशों में सवर्ण समाज के कथित उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए तथा ब्राह्मण, बनिया, ठाकुर जैसे वर्गों को लक्ष्य बनाकर लगाए जाने वाले आपत्तिजनक जातिसूचक नारों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाए। इसके अलावा समाज के लोगों ने ब्राह्मण समाज की महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की मांग रखी।
समाज के प्रतिनिधियों ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC-ST) अधिनियम के तहत झूठी शिकायत दर्ज कराने वालों के लिए कम से कम दस वर्ष की सजा का प्रावधान करने की मांग की। साथ ही आरक्षण व्यवस्था को जाति के बजाय आर्थिक आधार पर लागू करने और यूजीसी के नियमों को सभी वर्गों के लिए समान रूप से लागू करने की मांग भी रखी गई।
प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि इन मांगों पर जल्द प्रभावी कदम उठाए जाते हैं तो हिंदू धर्म से जुड़े लोग व सवर्ण समाज पुनः बीजेपी का समर्थन करने पर विचार कर सकता है।