जन्मदिन पर रक्तदान कर संगीता गौड़ ने बचाई जरूरतमंद की जान,पेश की मानवता की मिसाल।
By Shubh Bhaskar ·
04 Feb 2026 ·
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जन्मदिन पर रक्तदान कर संगीता गौड़ ने बचाई जरूरतमंद की जान,पेश की मानवता की मिसाल।
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):- अलवर- रक्तदान को महादान कहा जाता है और इस कथन को एक बार फिर रक्तवीर संगीता गौड़ ने अपने कर्मों से साबित कर दिया। संगीता गौड़ ने अपने जन्मदिन के अवसर पर जरूरतमंद को रक्त उपलब्ध करवाकर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की।
जानकारी के अनुसार,संगीता गौड़ अपने परिवार के साथ घर पर जन्मदिन की तैयारियों में व्यस्त थीं। इसी दौरान हसन खां मेवात (अलवर) निवासी जगदीश प्रसाद शर्मा के परिजनों का फोन आया। उन्होंने बताया कि उनके पिता की तबीयत बेहद गंभीर है और काफी प्रयासों के बावजूद उन्हें एक यूनिट रक्त भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। यह सुनते ही संगीता गौड़ ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे किसी भी तरह रक्त की व्यवस्था करेंगी और इसी को अपने जन्मदिन का उत्सव मानेंगी।
इसके बाद संगीता गौड़ ने जन्मदिन की सभी तैयारियां छोड़ दीं और अपने परिवार को बताया कि किसी की जान बचाने का अवसर भगवान का सबसे बड़ा उपहार है। वे तुरंत अस्पताल पहुंचीं,मरीज के परिजनों को हिम्मत बंधाई और एक यूनिट ए पॉजिटिव रक्त उपलब्ध करवाया। रक्त मिलने के बाद मरीज के परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने संगीता गौड़ का आभार व्यक्त करते हुए उनकी लंबी उम्र की कामना की।
इस दौरान संगीता गौड़ ने मरीज के परिजनों को अपने जन्मदिन की मिठाई खिलाई और कहा कि उनका जीवन उद्देश्य जरूरतमंदों की हर संभव मदद करना है। उन्होंने लोगों से नियमित रक्तदान करने की अपील करते हुए कहा कि रक्तदान से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
घर लौटने पर संगीता गौड़ का उनके परिवारजनों ने फूलों की वर्षा कर स्वागत किया। उनके पिता ने बेटी की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें संगीता पर गर्व है। परिवार ने उनका जन्मदिन धूमधाम से मनाते हुए उनके सेवा भाव को सलाम किया।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी संगीता गौड़ ने अपने जन्मदिन पर गंभीर रूप से घायल एक बच्चे को आठ यूनिट रक्त उपलब्ध करवाकर उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब तक संगीता गौड़ करीब 17,543 लोगों को रक्त उपलब्ध करवा चुकी हैं तथा लगभग 19,000 लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित कर चुकी हैं। स्वयं संगीता गौड़ 56 बार रक्तदान कर मानव सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर चुकी हैं।