अद्भुत कथा संग्रह प्रवासी कथामृत का लोकार्पण प्रतिष्ठित विश्व पुस्तक मेले 2026 में किया गया
By Shubh Bhaskar ·
31 Jan 2026 ·
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अद्भुत कथा संग्रह प्रवासी कथामृत का लोकार्पण प्रतिष्ठित विश्व पुस्तक मेले 2026 में किया गया
* डॉ विमला व्यास द्वारा संम्पादित एवं रवीन्द्र कुशवाहा द्वारा चित्रित प्रवासी कथामृत विश्व पुस्तक मेले का बनी आकर्षण
सुनील कुमार मिश्रा बद्री दैनिक शुभ भास्कर प्रयागराज संगम सुविख्यात लेखिका, शिक्षाविद एवं वैज्ञानिक डॉ विमला व्यास द्वारा संकलित और सम्पादित प्रवासी कथामृत प्रवास, पहचान और साँस्कृतिक एकीकरण की अद्भुत कहानियों का अन्वेषण करती हुई नजर आती है,जो पाठकों को, संपूर्ण विश्व में निवास कर रहे भारतीयों के जीवन की एक अंतरंग झलक प्रदान करती है। इस संकलन में विभिन्न पीढ़ियों और क्षेत्रों की आवाज़ें समाहित हैं, जो बेहतर जिंदगी की तलाश में, अपने घर से दूर पराये देश में जीवन यापन कर रहे हैं। ये कहानियाँ,प्रवासी भारतीयों की चुनौतियों और सफलताओं दोनों को उजागर करती हैं। 'प्रवासी कथामृत' का कवर पेज और अन्य स्केच प्रयागराज के जाने माने अंतरराष्ट्रीय कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा द्वारा बनाए गए हैं जो इस ग्रंथ को नया आयाम देते हैं एवं प्रकाशन सर्व भाषा ट्रस्ट नई दिल्ली द्वारा किया गया है।बहुप्रतीक्षित कथा संग्रह प्रवासी कथामृत जो भारतीय प्रवासी समुदाय के विविध जीवन अनुभवों को दर्शाने वाली कहानियों का एक जीवंत संग्रह है, नई दिल्ली में आयोजित विश्व पुस्तक मेले में आधिकारिक तौर पर लॉन्च की गई।
लोकार्पण समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार ओम निश्चल एवं विशिष्ट अतिथि के तौर पर शशि सहगल और राव शिवराज प्रताप सिंह शामिल हुए! कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ प्रताप सहगल ने की। इनके अलावा अन्य सुविख्यात लेखकों, संपादकों, प्रकाशकों के साथ-साथ जिज्ञासु पाठकों की गरिमामय उपस्थिति ने कार्यक्रम को चार चाँद लगा दिए, ये सुअवसर समकालीन भारतीय साहित्य में एक महत्वपूर्ण लम्हा बनकर दर्ज हो गया। मुख्य अतिथि ओम निश्चल ने अपने वक्तव्य में प्रवासी अनुभवों के प्रामाणिक चित्रण के लिए संकलन की सराहना करते हुए कहा प्रवासी कथामृत विश्व के विभिन्न देशों में लंबे समय से निवास कर रहे भारतीयों के लचीलेपन, उनके संघर्ष और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रमाणिक दस्तावेज है।