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निःशुल्क उपचार से नई ज़िंदगी: आरबीएसके बना बच्चों के लिए जीवन रक्षक।

By Shubh Bhaskar · 29 Jan 2026 · 14 views
निःशुल्क उपचार से नई ज़िंदगी: आरबीएसके बना बच्चों के लिए जीवन रक्षक।

बच्चों के हृदय का निःशुल्क ऑपरेशन होने पर माता-पिता को मिला राहत का सुकून।

*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*

(माचाड़ीअलवर):- अलवर-
आर्थिक अभाव अक्सर इलाज की राह में सबसे बड़ी बाधा बन जाता है, लेकिन जब सरकारी योजनाएं संवेदनशीलता और समर्पण के साथ ज़मीन पर उतरती हैं, तो वही बाधाएं उम्मीद और विश्वास में बदल जाती हैं। अलवर जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) ने इसका जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया है, जहाँ बीमार बच्चों को समय पर जांच, निःशुल्क उपचार और जटिल ऑपरेशनों के माध्यम से नया जीवन मिला है।
जिले में आरबीएसके के तहत स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं मदरसों में नियमित रूप से बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य बीमारियों की समय रहते पहचान कर बिना किसी आर्थिक बोझ के उपचार सुनिश्चित करना है। इसी सतत प्रयास का परिणाम है कि अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक कुल 1,69,089 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।
दिल में छेद से जूझ रहे बच्चों को मिला नया जीवन
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. योगेंद्र शर्मा ने बताया कि इस अवधि में 39 बच्चों में जन्मजात हृदय रोग (दिल में छेद) की पहचान की गई। ये सभी बच्चे अत्यंत कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि से थे, जिनके लिए इलाज कराना असंभव था। आरबीएसके टीमों के समन्वय से इन बच्चों के जयपुर सहित राज्य के 14 प्रतिष्ठित चिकित्सालयों में निःशुल्क सफल ऑपरेशन कराए गए। ऑपरेशन के बाद अब ये सभी बच्चे सामान्य व स्वस्थ जीवन जी रहे हैं।
लाखों रुपये के ऑपरेशन, परिवारों पर शून्य खर्च
केवल हृदय रोग ही नहीं, बल्कि आरबीएसके योजना के अंतर्गत 17 बच्चों के कटे होंठ-तालु एवं क्लब फुट जैसे जटिल जन्मजात दोषों के ऑपरेशन भी निःशुल्क कराए गए। इसके अतिरिक्त 9,855 बच्चों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया गया, जहाँ उनका संपूर्ण इलाज निःशुल्क किया जा रहा है। इन उपचारों पर आने वाला खर्च लाखों रुपये में है, लेकिन आरबीएसके के माध्यम से परिवारों को एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ा।
41 बीमारियों का निःशुल्क उपचार, मजबूत भविष्य की नींव
आरबीएसके के अंतर्गत बच्चों की 41 प्रकार की बीमारियों की जांच एवं उपचार किया जाता है, जिनमें जन्मजात दोष, बीमारियां, विकास में देरी व निशक्तता तथा किशोर स्वास्थ्य शामिल हैं। एनीमिया, थैलेसीमिया, क्षय रोग, जन्मजात मोतियाबिंद, बहरापन जैसी गंभीर समस्याओं की समय पर पहचान कर बच्चों को उपचार से जोड़ा जा रहा है।
संवेदनशील शासन, सुरक्षित बचपन
जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला के निर्देशन में आरबीएसके टीमों के कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि जिले का कोई भी बच्चा इलाज के अभाव में पीड़ित न रहे। अलवर में आरबीएसके की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि जब नीति, प्रशासन और जमीनी कार्यकर्ता मिलकर काम करते हैं, तो सरकारी योजनाएं कागजों से निकलकर बच्चों के जीवन में स्वास्थ्य, मुस्कान और उज्ज्वल भविष्य बनकर उतरती हैं।
निःशुल्क उपचार से बच्चों को मिला नया जीवन
राज्य सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत रामगढ़ ब्लॉक के बगड़ राजपूत निवासी फरजान खान, मालाखेड़ा ब्लॉक निवासी रूद्र एवं गांव खेडली पिचनोत निवासी तनवी गुप्ता जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित थे। तीनों बच्चों के हृदय का निःशुल्क सफल ऑपरेशन कराया गया। ऑपरेशन के बाद अब ये बच्चे सामान्य बच्चों की तरह खेलने-कूदने में सक्षम हैं। बच्चों के सफल इलाज पर उनके माता-पिता ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया है।

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