ShubhBhaskar
SHUBHBHASKAR
E Paper

तड़प-तड़प कर जान दे गई गौ माता, मूकदर्शक बने दिल्ली के सनातनी जन।

By Shubh Bhaskar · 19 Jan 2026 · 23 views
तड़प-तड़प कर जान दे गई गौ माता, मूकदर्शक बने दिल्ली के सनातनी जन।

डबल इंजन की सरकार
सनातनी पार्टी के होते हुए भी गौमाता कटने को मजबूर।

*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*

(माचाड़ीअलवर):- दिल्ली- बृजवासी गौरक्षक सेना भारत संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौपुत्र संत धर्मदास महाराज ने गौ रक्षक सेना भारत संघ के मीडिया प्रभारी नागपाल शर्मा माचाड़ी को वाट्सएप द्वारा बताया कि दिल्ली राजधानी में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक गौ माता ने उपचार और संरक्षण के अभाव में तड़प-तड़प कर प्राण त्याग दिए। इस घटना ने तथाकथित गौ-रक्षक संगठनों और समाज की भूमिका पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अक्सर देखा जाता है कि लोग गौ-रक्षक बनने के लिए संगठनों से पहचान पत्र तो बनवा लेते हैं,लेकिन जब वास्तविक सेवा और रक्षा की घड़ी आती है,तो अधिकांश लोग पीछे हट जाते हैं। समाज के जागरूक वर्ग का कहना है कि आज का मनुष्य जीवन को व्यर्थ गंवा रहा है। न वह सच्चे अर्थों में सनातनी बन पा रहा है और न ही अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहा है। देश में एक ओर गौ माता की पूजा की जाती है, उन्हें चारा खिलाया जाता है, वहीं दूसरी ओर उनके वध के लिए लाइसेंस जारी किए जाते हैं। यह दोहरा मापदंड समाज की सोच पर बड़ा सवाल है। संत धर्मदास महाराज ने बताया कि जब डबल इंजन की सरकार सनातनी ही नहीं रही तो फिर देश के लोग सनातनी कैसे होंगे। फिर यह देश हिंदू राष्ट्र कैसे बनेगा। संत धर्मदास ने यह भी बताया कि वर्ष 2014 में गौ माता को लेकर बड़े-बड़े भाषण दिए गए थे, किंतु आज आरोप लग रहे हैं कि गौ माता के नाम पर केवल वोट और नोट कमाने का कार्य हो रहा है। हाल ही में मौनी अमावस्या के अवसर पर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा रोके जाने तथा उनके शिष्यों के साथ मारपीट किए जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इसके साथ ही कई गौ-रक्षकों पर कथित रूप से झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। मोनू मनेसर जैसे गौ-सेवक जेल में बंद हैं, जिससे गौ-भक्तों में रोष व्याप्त है।
ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने कहा कि स्वामी करपात्री महाराज द्वारा लिए गए संकल्प के साथ कांग्रेस पार्टी ने धोखा किया था, जिसके बाद उन्होंने श्राप दिया था। उनका कहना है कि आज वही स्थिति भारतीय जनता पार्टी के साथ भी बनती नजर आ रही है। यदि किसी सच्चे गौ पुत्र संत ने श्राप दे दिया, तो डबल इंजन की सरकार के परिणाम गंभीर हो सकते हैं। गौ माता की इस पीड़ा और समाज की उदासीनता ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हम वास्तव में अपने धर्म और संस्कृति के प्रति सजग हैं, या केवल दिखावे तक सीमित रह गए हैं।

More News

Share News

WhatsApp

X

Facebook

Telegram

Instagram

YouTube