आर्यभट्ट जयंती पर महान गणितज्ञ को किया नमन, वैज्ञानिक सोच अपनाने का आह्वान- *डॉ सुरेश चंद शर्मा*
By Shubh Bhaskar ·
14 Apr 2026 ·
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आर्यभट्ट जयंती पर महान गणितज्ञ को किया नमन, वैज्ञानिक सोच अपनाने का आह्वान- *डॉ सुरेश चंद शर्मा*
*नागपाल शर्मा माचाड़ी की रिपोर्ट*
(माचाड़ीअलवर):-जयपुर- 14 अप्रैल को महान गणितज्ञ एवं खगोलशास्त्री आर्यभट्ट की जयंती सर्व समाज जागृति संघ (रजिस्टर्ड) द्वारा श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ सुरेश चंद शर्मा ने आर्यभट्ट के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
संस्थापक अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि आर्यभट्ट केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के महानतम गणितज्ञों और खगोल वैज्ञानिकों में से एक थे। उन्होंने उस समय दुनिया को ज्ञान का प्रकाश दिया, जब अधिकांश लोग गणित के मूलभूत सिद्धांतों से भी अनजान थे। उन्होंने शून्य के महत्व को स्थापित करते हुए बताया कि यह केवल एक अंक नहीं, बल्कि गणित की आत्मा है।
उन्होंने बताया कि आर्यभट्ट ने मात्र 23 वर्ष की आयु में अपना प्रसिद्ध ग्रंथ आर्यभट्टीय की रचना की, जिसमें ज्योतिष और गणित के कई महत्वपूर्ण सिद्धांतों का वर्णन है। आर्यभट्ट ने यह भी सिद्ध किया कि पृथ्वी स्थिर नहीं है, बल्कि अपनी धुरी पर घूमती है, जिससे दिन और रात होते हैं। इसके साथ ही उन्होंने सूर्य और चंद्र ग्रहण के पीछे के वैज्ञानिक कारणों को भी स्पष्ट किया, जो उस समय प्रचलित अंधविश्वासों के विपरीत एक क्रांतिकारी सोच थी।
उन्होंने आगे कहा कि भारत ने अपने पहले कृत्रिम उपग्रह का नाम भी आर्यभट्ट के सम्मान में रखा, जो उनके योगदान का प्रतीक है। उनकी विद्वता के कारण उन्हें नालंदा विश्वविद्यालय का कुलपति भी बनाया गया।
अंत में डॉ. शर्मा ने सभी देशवासियों से अपील की कि आर्यभट्ट जयंती के अवसर पर उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण और गणितीय विरासत को अपनाते हुए तार्किक सोच विकसित करें तथा शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने का संकल्प लें। उन्होंने ऐसे महान वैज्ञानिक को शत-शत नमन किया।